बुधवार, 5 अक्टूबर 2011

रावण क्यों मरता नहीं


रावण क्यों मरता नहीं,
जिंदा है वह क्यों ?
आदमी के अंदर,
राम पुनः जन्म लेता नहीं ।।
क्यों रावण बना रहा है ?
पुनः सोने की लंका ।
क्यों नोच रहा है चीर सीता का,
क्यों सीता की आर्द्र पुकार।
कोई हनुमान सुनता नहीं।।
क्यों हनुमान पुनः यहां,
जन्म लेता नहीं ?
क्यों जीवित है मात्र रावण यहां,
क्यों राम दिलों मे रमता नहीं ?
क्यों परिलक्षित होता है,
मात्र रावण की जनमानस में हर कहीं
नग्न होकर कर रहा यह तांडव,
क्यों गांडिव आज कोई उठता नहीं।।
हत्याएं करता, और करता,
यह नित बलात्कार,
वर्षभर जिसका हो सत्कार,
क्या संभव है,
उसका इस दुनिया से पूर्ण संहार ?
क्यों मनाते है हम दशहरा,
और आखिर क्या मुंह लेकर ?
क्यों रचते है हम ढोंग इसका जब रखते,
 दशानंद को जीवित अंदर निरंतर जीवनभर।।
जब होगा अंदर का राम जीवित,
तभी रावण होगा नश्वर।।
मनीष शर्मा

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